बिलासपुर में शिक्षक भर्ती और CGPSC अभ्यर्थियों का कैंडल मार्च, परीक्षा में देरी पर जताया आक्रोश

बिलासपुर। शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित होने और CGPSC-2025 की चयन प्रक्रिया में देरी से नाराज प्रतियोगी परीक्षार्थियों ने रविवार देर शाम गांधी चौक पर कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में मोमबत्तियां लेकर पहुंचे युवाओं ने भर्ती प्रक्रियाओं में अनिश्चितता पर नाराजगी जताई और सरकार से लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवाओं का कई साल का समय और आर्थिक संसाधन लगते हैं। ऐसे में परीक्षाओं का टलना और नई तारीखों की घोषणा नहीं होना उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।

शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित होने से बढ़ी परेशानी

छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर हाल ही में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 11 अक्टूबर को प्रस्तावित सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित कर दी गई। वहीं, 25 अक्टूबर को होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा भी प्रभावित हुई है। मामला भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग आरक्षण से जुड़ी श्रेणियों को शामिल करने और संबंधित अभ्यर्थियों को अवसर देने से संबंधित है।

कैंडल मार्च में शामिल युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार और संबंधित विभाग को नियमों की स्पष्टता सुनिश्चित कर ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

आरक्षण विवाद का जल्द समाधान करने की मांग

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने आरक्षण से जुड़े विवाद का कानूनी प्रक्रिया के तहत जल्द समाधान करने की मांग की। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों और आरक्षण प्रावधानों का सही तरीके से पालन होना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।

युवाओं ने यह भी मांग की कि भर्ती से जुड़े सभी जरूरी संशोधन और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए अभ्यर्थियों को समय पर जानकारी दी जाए।

CGPSC-2025 की चयन प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी

कैंडल मार्च में CGPSC-2025 के अभ्यर्थियों ने भी अपनी चिंताएं रखीं। राज्य सेवा परीक्षा-2025 के तहत 265 पदों पर भर्ती के लिए दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की प्रक्रिया पहले 20 सितंबर से 1 अक्टूबर तक प्रस्तावित थी, लेकिन आयोग ने इसे अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था। नई तारीखों की घोषणा नहीं होने से अभ्यर्थियों में असमंजस बना हुआ है।

अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और आगे का कार्यक्रम समय पर जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट समयसीमा तय होने से उम्मीदवार अपनी तैयारी और भविष्य की योजनाएं बेहतर तरीके से बना सकेंगे।

समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की मांग

प्रदर्शनकारी युवाओं ने सरकार से शिक्षक भर्ती और अन्य लंबित भर्ती प्रक्रियाओं पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।

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